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MP Board 12 th Exam Result 2021: हाईस्कूल में मिले कुल अंकों पर बोनस देकर 12वीं का परिणाम देने की कवायद

MP Board 12 th Exam Result 2021: हाईस्कूल में मिले कुल अंकों पर बोनस देकर 12वीं का परिणाम देने की कवायद MP Board 12 th Exam Result 2021: भोपाल मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिम) में हायर सेकंडरी के परीक्षा परिणाम का अंतिम आधार हाईस्कूल परीक्षा 2019 का रिजल्ट ही रहेगा। इसी को आधार बनाकर ताना-बाना बुना जा रहा है। हाईस्कूल और हायर सेकंडरी के समान विषयों में अंक देने को लेकर कोई दिक्कत नहीं है। दिक्कत उन विषयों के अंकों में है, जो हाईस्कूल में नहीं हैं। ऐसे में माशिम या मप्र बोर्ड ने हाईस्कूल में प्राप्त कुल अंकों में से औसत अंक निकालकर 12वीं का परिणाम तैयार करने की सलाह दी है। हाईस्कूल में 70 फीसद तक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का परिणाम 10 फीसद बोनस अंक के साथ और उससे ज्यादा अंक पाने वालों को पांच फीसद बोनस अंक बढ़ाकर जारी करने पर भी विचार चल रहा है। हालांकि अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को ही लेना है। इसके लिए 28 जून को मंत्री समूह (परिणाम का फार्मूला तय करने के लिए गठित समूह) की बैठक बुलाई गई है। हायर सेकंडरी के परीक्षा परिणाम का फार्मूला सरकार के ...

हमारा महेश्वर

 लोक माता अहिल्या बाई होल्कर की नगरी महेश्वर... नर्मदा नदी  के किनारे बसा यह शहर अपने बहुत ही सुंदर व भव्य घाट तथा माहेश्वरी साड़ियों के लिये प्रसिद्ध है। घाट पर अत्यंत कलात्मक मंदिर हैं जिनमे से राजराजेश्वर मंदिर प्रमुख है।  आदिगुरु शंकराचार्य  तथा  पंडित मण्डन मिश्र  का प्रसिद्ध शास्त्रार्थ यहीं हुआ था। इस शहर को महिष्मती नाम से भी जाना जाता था। कालांतर में यह महान देवी  अहिल्याबाई होल्कर  की भी राजधानी रहा है। देवी अहिल्याबाई होलकर के कालखंड में बनाए गए यहाँ के घाट सुंदर हैं और इनका प्रतिबिंब नदी में और खूबसूरत दिखाई देता है। महेश्वर  इंदौर  से ही सबसे नजदीक है। इंदौर विमानतल महेश्वर से 91 किलोमीटर की दूरी पर है। इंदौर से 90 की.मी. की दुरी पर "नर्मदा नदी" के किनारे बसा यह खुबशुरत पर्यटन स्थल म.प्र. शासन द्वारा "पवित्र नगरी" का दर्जा प्राप्त है, अपने आप में कला, धार्मिक, संस्कृतिक, व एतिहासिक महत्व को समेटे यह शहर लगभग 2500 वर्ष पुराना हैं। मूलतः यह "देवी अहिल्या" के कुशल शासनकाल और उन्ही के कार्यकाल (1764-1795) में हैदराबादी बुनकरों द...

जानिए बॉलीवुड के 10 सबसे अमीर अभिनेता कौन कौन है और उनके कुल संपत्ति / Top 10 Richest Bollywood Actors with Net Worth

जानिए बॉलीवुड के 10 सबसे अमीर अभिनेता कौन कौन है और उनके कुल संपत्ति / Top 10 Richest Bollywood Actors with Net Worth 1 . शाहरुख़ खान (king khan) जो की बॉलीवुड के सबसे अमीर अभिनेता उनके कमाई के स्रोत अनेक है बो फिल्मो के अलाबा Red Chillies Entertainment production company के मालिक है और IPL Kolkata knight Riders के मालिक भी है ! शाहरुख खान के कुल पैसा (Net Worth)--$760 million USD भारत के रुपये की तुलना में -- Rs 5300 crore INDIAN RUPEES 2. महान अभिनेता अमिताभ बच्चन बहुत सालो से बॉलीवुड में फिल्मे बना रहे है बो कई  सालो से बॉलीवुड में अपना योगदान दे रहे है उनको BIG B के नाम से भी जाना जाता है बो फिल्मो के साथ Corporation Limited (ABCL) which makes Bollywood films and Marathi film के मालिक भी है और बह( kaun banega crorepati) शो चलाते भी है! उनकी कुल संपत्ति(Net Worth) -- $400 millon भारत के पैसे की तुलना में-- Rs 2818 crore INDIAN RUPEES 3. सलमान खान बॉलीवुड के सुल्तान कहे जाने बाले सलमान खान अपने  फ़िल्मी करियर में बहुत सी सुपरहिट फिल्म की है ! उनकी कमाई का जरिया केबल फिल्म...

मिल्खा सिंह को रह गया मलाल:125 करोड़ की आबादी में दूसरा फ्लाइंग सिख पैदा नहीं हुआ; नहीं चाहते थे कि बेटा स्पोर्ट्स पर्सन बने

 मिल्खा सिंह को रह गया मलाल:125 करोड़ की आबादी में दूसरा फ्लाइंग सिख पैदा नहीं हुआ; नहीं चाहते थे कि बेटा स्पोर्ट्स पर्सन बने पूर्व भारतीय लीजेंड स्प्रिंटर मिल्खा सिंह (91) कोरोना की वजह से निधन हो गया है। उनका चंडीगढ़ के PGIMER में इलाज चल रहा था। 5 दिन पहले उनकी पत्नी निर्मल कौर का पोस्ट कोविड कॉम्प्लिकेशंस के कारण निधन हुआ था। मिल्खा सिंह दुनिया को तो अलविदा कह गए, लेकिन कुछ ऐसी भी बातें हैं जिनका उनको मलाल रह गया। वे चाहते थे कि 125 करोड़ की आबादी वाले देश में दूसरा मिल्खा सिंह आना चाहिए था। दूसरा यह था कि वे अपने बेटे जीव मिल्खा सिंह को कभी भी स्पोर्ट्स पर्सन नहीं बनाना चाहते थे। यह बात उन्होंने 4 साल पहले छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कही थी। मिल्खा सिंह तब दौड़ता था जब पैरों में जूते नहीं होते थे फ्लाइंग सिख के नाम से मशहूर मिल्खा सिंह ने कहा था- नहीं जानता था कि ओलिंपिक गेम्स होते क्या हैं, एशियन गेम्स और वन हंड्रेड मीटर और फोर हंड्रेड मीटर रेस क्या होती है? मिल्खा सिंह तब दौड़ता था जब पैरों में जूते नहीं होते थे। न ही ट्रैक सूट होता था। न कोचेस थे और न ही स्टेडियम। 125 क...

सीबीएसई -30:30:40(10वी ,11वी , 12वी प्री बोर्ड ) का Waitage 12 वी के फ़ाइनल रिजल्ट के लिए

सीबीएसई -30:30:40(10वी ,11वी , 12वी प्री बोर्ड ) का Waitage 12 वी के फ़ाइनल रिजल्ट के लिए performance in the finals of class X and XI exams and class XII pre-board tests. Principals told TOI that the CBSE-appointed 13-member committee to recommend the criteria to evaluate Class XII students seems to be in favour of a 30:30:40 formula Students of Central Board of Secondary Education (CBSE) Class XII are likely to have their results based on their performance in the finals of class X and XI exams and class XII pre-board tests. Principals told TOI that the CBSE-appointed 13-member committee to recommend the criteria to evaluate Class XII students seems to be in favour of a 30:30:40 formula—30% weightage will be given to class X and XI final results, respectively, and 40% to class XII pre-board exams. The committee is expected to announce the marking formula after submitting it to the Supreme Court on June 17. Last month, parents had filed a PIL in the SC see...

इंदौर का इतिहास

 इंदौर के इतिहास से पता चलता है कि शहर के संस्थापकों के पूर्वज मालवा के वंशानुगत जमींदार और स्वदेशी भूस्वामी थे। इन जमींदारों के परिवारों ने शानदार जीवन व्यतीत किया। उन्होंने होल्कर के आगमन के बाद भी एक हाथी, निशान, डंका और गाडी सहित रॉयल्टी की अपनी संपत्ति को बनाए रखा। उन्होंने दशहरा (शमी पूजन) की पहली पूजा करने का अधिकार भी बरकरार रखा। मुगल शासन के दौरान, परिवारों को सम्राट औरंगज़ेब, आलमगीर और फ़ारुक्शायार ने अपने जागीर के अधिकारों की पुष्टि करते हुए, सनद दी। मध्य प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्र पर स्थित इंदौर, राज्य के सबसे महत्वपूर्ण वाणिज्यिक केंद्रों में से एक है। इंदौर का समृद्ध कालानुक्रमिक इतिहास गौर करने लायक है। योर के दिनों में भी यह एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र था। लेकिन आज कॉर्पोरेट फर्मों और संस्थानों के प्रवेश के साथ, इसने देश के वाणिज्यिक क्षेत्र में एक बड़ा नाम कमाया है। जैसे ही कहानी आगे बढ़ती है, होलकर कबीले के मल्हारो होल्कर ने 1733 में मालवा की विजय में अपनी लूट के हिस्से के रूप में इंदौर को प्राप्त किया। उनके वंशज, जिन्होंने मराठा संघ के मुख्य भाग का गठन किया, ...